Motivational Hindi Poetry – ‘कर्मो’ से ही पहचान होती है इंसानों की…

Motivational Hindi Poetry - 'कर्मो' से ही पहचान होती है इंसानों की...
Pic: Flickr

मेरी हैसियत से ज्यादा मेरी, थाली में तूने परोसा है ।

तू लाख मुश्किलें भी दे दे मालिक, मुझे तुझपे भरोसा है ।

एक बात तो पक्की है कि….

छीन कर खाने वालों का कभी पेट नहीं भरता और बाँट कर खाने वाले कभी भी भूखे नहीं रहते !!

‘कर्मो’ से ही पहचान होती है इंसानों की…

महंगे ‘कपड़े’ तो,’पुतले’ भी पहनते है दुकानों में..

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