Motivational Poem in Hindi on Diwali – इक दीप तो जलाओ

Motivational Poem in Hindi on Diwali - इक दीप तो जलाओ
Pic:Wikimedia

इक दीप तो जलाओ

विगत के कुहासो में

समय के सुहासो में

अनमने उजासों में

प्रीत को बुलाओ

इक दीप तो जलाओ

होंठ हैं सिले तो

गुम हैं काफिले तो

शब्द ना मिले तो

भाव को मनाओ

इक दीप तो जलाओ

कातिक की किरन चढ़े

खुशियों की उमर बढे

आओ नया दिन गढ़े

हाथ तो बढाओ

इक दीप तो जलाओ

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